मकर संक्रांति

खरमास (Kharmas) की समाप्ति और शुभ कार्यों की शुरुआत है मकर संक्रांति (Makar Sankranti). मकर संक्रांति के दिन से ही घरों में शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं. मकर संक्रांति का पर्व इस बार साल 2019 में 14 जनवरी की बजाए 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। 15 जनवरी से पंचक, खरमास और अशुभ समय समाप्त हो जाएगा और विवाह, ग्रह प्रवेश आदि के शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। सूर्य इस बार मकर राशि की संक्रांति में 14 जनवरी 2019 सोमवार को रात 2.19 मिनट पर प्रवेश करेंगे और इसी के साथ मकर संक्रांति का मुहूर्त भी शुरु हो जाएगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जिस समय मकर की संक्रांति में सूर्य प्रवेश करते हैं उसके बाद दूसरे दिन सूर्योंदय से दोपहर तक संक्रांति का पुण्य काल माना जाता है।

मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त- 
पुण्य काल मुहूर्त – 07:14 से 12:36 तक (15 जनवरी 2019)
महापुण्य काल मुहूर्त – 07:14 से 09:01 तक (15 जनवरी 2019)

एक पौराणिक कथा के अनुसार शनि देव को उनके पिता सूर्य देव पसंद नहीं करते थे. इसी कारण सूर्य देव ने शनि देव और उनकी मां छाया को अपने से अलग कर दिया. इस बात से क्रोध में आकर शनि और उनकी मां ने सूर्य देव को कुष्ठ रोग का श्राप दे डाला. 

पिता को कुष्ठ रोग में पीड़ित देख यमराज (जो कि सूर्य भगवान की दूसरी पत्नी संज्ञा के पुत्र हैं) ने तपस्या की. यमराज की तपस्या से सूर्यदेव कुष्ठ रोग से मुक्त हो गए. लेकिन सूर्य देव ने क्रोध में आकर शनि देव और उनकी माता के घर ‘कुंभ’ (शनि देव की राशि) को जला दिया. इससे दोनों को बहुत कष्ट हुआ.

यमराज ने अपनी सौतेली माता और भाई शनि को कष्ट में देख उनके कल्याण के लिए पिता सूर्य को समझाया. यमराज की बात मान सूर्य देव शनि से मिलने उनके घर पहुंचे. कुंभ में आग लगाने के बाद वहां सब कुछ जल गया था, सिवाय काले तिल के अलावा. इसीलिए शनि देव ने अपने पिता सूर्य देव की पूजा काले तिल से की. इसके बाद सूर्य देव ने शनि को उनका दूसरा घर ‘मकर’ मिला. 

तभी से मान्यता है कि शनि देव को तिल की वजह से ही उनके पिता, घर और सुख की प्राप्ति हुई, तभी से मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा के साथ तिल का बड़ा महत्व माना जाता है.

मकर संक्रान्ति के मौकै पर तिल और गुड़ के लड्डू खाए जाते हैं. ये ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होते हैं बल्कि यह कई गुणों से भी भरपूर होते हैं. तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, ऑक्जेलिक एसिड, अमीनो एसिड, प्रोटीन, विटामिन बी, सी और ई होता है. वहीं, गुड़ में भी सुक्रोज, ग्लूकोज और खनिज तरल पाया जाता है. जब इन दोनों का कॉम्बिनेशन मिलता है तो इस लड्डू के गुण और बढ़ जाते हैं

मकर संक्रांति पर क्या करें

> मकर संक्रांति पर सुबह जल्दी उठें और स्नान करते समय सभी पवित्र तीर्थों और नदियों के नामों का जाप करें। इससे घर पर तीर्थ स्नान का पुण्य मिल सकता है।

> स्नान के बाद तांबे के लोटे में लाल फूल और चावल डालकर सूर्य को जल चढ़ाएं। सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप 108 बार करें।

> तुलसी को जल चढ़ाएं और परिक्रमा करें।

> किसी मंदिर में गुड़ और काले तिल का दान करें। भगवान को गुड़-तिल के लड्डू का भोग लगाएं और भक्तों को प्रसाद वितरित करें।

> किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाकर जल अर्पित करें। ऊं सूर्याय नम: ऊं आदित्याय नम: ऊं सप्तार्चिषे नम: मंत्र का जाप करें।

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