बसंत पंचमी

माघ माह की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. बसंत पंचमी 10 फरवरी 2019 को है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. माना जाता है इस दिन मां देवी सरस्वती का आविर्भाव हुआ था. यह तिथि वागीश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से भी जानी जाती है. धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति मनुष्य के जीवन में आई थी। पुराणों में लिखा है सृष्टि को वाणी देने के लिये ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का। इस जल से हाथ में वीणा धारण किये जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती कहलाई। उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनो लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों की वाणी मिल गई। वह दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिये बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है।

इस दिन किसी भी काम को करना बहुत शुभ फलदायक होता है. इसलिए इस दिन नींव पूजन, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, नवीन व्यापार प्रारंभ और मांगलिक कार्य किए जाते है. इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते और साथ ही पीले रंग के पकवान बनाते हैं. मां सरस्वती ज्ञान, गायन-वादन और बुद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है. इस दिन सरस्वती पूजा करना काफी शुभ माना जाता है. इस दिन छात्रों को पुस्तक और गुरु के साथ और कलाकारों को अपने वादन के साथ इनकी पूजा जरूर करनी चाहिए.

बसंत पंचमी के दिन न करें ये 5 गलतियां-
1- शुभ अवसर पर काला कपड़ा पहनना शास्त्रों में वर्जित माना गया है। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
2- बसंत पंचमी वाले दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
3- बसंत पंचमी पर पेड़-पौधों को नहीं काटना चाहिए।
4- बसंत पंचमी के दिन सभी से प्यार और संयम से बोलना चाहिए। इस दिन किसी से वाद-विवाद या क्रोध नहीं करना चाहिए।
5- बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान जरूर कर लेना चाहिए। बिना नहाए कुछ भी नहीं खाना चाहिए। माता सरस्वती की पूजा के बाद ही कुछ खाना चाहिए।

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