घर के मख्‍य द्वार पर बंधनवार लगाने का महत्‍व

भारतीय संस्‍कृति में आम और उसके पत्‍तों का खासा महत्‍व है और दिवाली के दिन हर हिंदू परिवार में घर के मख्‍य द्वार पर बंधनवार लगाने का रिवाज है। बंधनवार कई तरह के होते हैं। अब तो बाजार में भी रेडीमेड और डिजाइनर बंधनवार आने लगे हैं। मगर आम के पत्‍तों से बने बंधनवार का महत्‍व ही कुछ और होता है। दिवाली के अलावा कुछ खास मौकों, गृह प्रवेश और शादी-ब्‍याह में भी आम की पत्तियों का इस्‍तेमाल होता है। कुछ खास मौको में घर के मुख्‍य द्वार पर आम की पत्तियों के साथ ही गेंदे के फूल और धान की बालियों से बने तोरण यानी बंधनवार को भी लगया जाता है।

आम के पेड़ को हमेशा से पूजनीय माना गया है। घर में मांगलिक कार्य हो या फिर कोई तीज त्‍योहार सभी अच्‍छे अवसरों में आम के पत्‍तों का इस्‍तेमाल किया जाता है।

भारतीय संस्कृति में आम के पेड़ की लकड़ियों का उपयोग समिधा के रूप में वैदिक काल से ही किया जा रहा है।माना जाता है कि आम की लकड़ी, घी, हवन सामग्री आदि के साथ हवन में उपयोग से वतावरण में सकारात्मकता बढ़ती है।

घर के मुख्य द्वार पर आम की पत्तियां लटकाने से घर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के साथ सकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. जिससे घर में सुख व समृद्धि बढ़ती है।

आम के पत्‍तों का बंधनवार बना कर घर के द्वारा पर लगाने से हर काम बिना रुकावट पूरा हो जाता है। इसके साथ घर को बुरी नजर नहीं लगती है ओर हर कार्य अच्‍छे से पूरा हो जाता है। आम के पत्तों का तोरण द्वार पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा भी शुभ कार्य में बाधा नहीं डाल पाती हैं।

धार्मिक मान्यता के मुताबिक आम हनुमान जी का प्रिय फल है. इसलिए जहां भी आम और आम के पत्‍ते मौजूद होते हैं उस स्‍थान पर हनुमा जी की कृपा बना कर रखते हैं।

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